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चीन के समुद्र पर राज करते थे विशालकाय बिच्छू | Giant Scorpions used to rule the sea of ​​China

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समुद्री बिच्छू 435 मिलियन साल पहले रहता था

 चीनी पुरातत्वविदों को चीन में करीब 1 मीटर से ज्यादा लंबे एक विशालकाय बिच्छू के अवशेष मिले हैं। इसके शरीर के बनावट के अनुसार कहा जा सकता है कि यह अपने लंबे और नुकीले हाथों से मछलियों को अपना शिकार बनाता होगा। इसकी पहचान  Terropterus xiushanensis के रूप में सामने आई है। Terropterus xiushanensis लगभग 435 मिलियन वर्ष पहले सिलुरियन काल के लैंडोवरी युग के दौरान रहते थे।  ये प्राचीन समुद्री जीव मिक्सोप्टेरिड  नामक समुद्री बिच्छुओं के परिवार से संबंधित है। Terropterus xiushanensis गोंडवाना के प्राचीन महामहाद्वीप के प्रथम मिक्सोप्टेरिड  का प्रतिनिधित्व करता है, साथ ही यह सबसे पुराना ज्ञात  मिक्सोप्टेरिड है। हाल में चीनी पुरातत्वविदों ने इसी प्राचीन बिच्छू के अवशेषों की खोज की है, जिसका खुलासा साइंस बुलेटिन मैग्जीन में किया गया।

 

बिच्छू सन्धिपाद (Arthropoda) संघ का शिकारी अष्टपाद (Arachnid) है। वे सहस्राब्दियों से पृथ्वी पर सबसे क्रूर जीवों में से एक हैं। समुद्री बिच्छू के आकार अलग-अलग थे। इनमें सबसे छोटा बिच्छू मानव हाथ के आकार का और सबसे बड़ा लगभग वयस्क मानव के बराबर होता था। वैसे जिस जीवाश्म को खोजा गया है, उसमें इसकी लंबाई 3.3 फीट की है। इस प्रजाति की खोज सबसे पहले 80 साल पहले की गई थी।

 

प्रोजेक्ट की प्रमुख लेखक हान वांग और उनके साथी पुरातत्वविदों ने बताया कि इन विचित्र जानवरों के बारे में हमारा ज्ञान 80 साल पहले वर्णित दो जातियों में केवल चार प्रजातियों तक ही सीमित है- नॉर्वे से मिक्सोप्टेरस किएरी, न्यू यॉर्क से मिक्सोप्टेरस मल्टीस्पिनोसस, एस्टोनिया से मिक्सोप्टेरस सिमोंसोनी और स्कॉटलैंड से लानार्कोप्टेरस डोलिचोशेलस।
इस खोज को नानजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजी एंड पैलियोन्टोलॉजी के प्रोफेसर बो वांग के साथ चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन लाइफ एंड पेलियोएनवायरमेंट के सह-शोधार्थियोें ने अंजाम दिया।

यूरीप्टरिड्स या समुद्री बिच्छू, मध्य-पैलियोज़ोइक चीलिसरेट आर्थ्रोपोड्स का एक महत्वपूर्ण समूह है, जिसके विकास और पुरापाषाण काल के महत्व ने हाल के वर्षों में बहुत ध्यान आकर्षित किया है।

 प्रो. बो वांग, प्रोजेक्ट डिजाइनर और सह-लेखक, नानजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजी एंड पैलियोन्टोलॉजी

somadri
पुराने ब्लॉग-पोस्टों को नवीनतम रूप दिया जा रहा है, जो मेरे विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समर्पित पोर्टल *सोम-रस* पढ़े जा सकेंगे। Study Observes Mysteries- Research Accelerates Science का संक्षिप्तीकरण है SOM-RAS, जिसकी अवधारणा 2007 में की गई थी, थोड़ा-बहुत लिखना भी हुआ, बाकी अभी भी डायरी के पन्नों में सिमटा हुआ है, डिजाइन से लेकर कंटेंट संयोजन तक। पुराने पोस्ट में मनो-विज्ञान से संबंधित अनुभवों और संस्मरण लिखती रही। नियमित लेखन नहीं हो सका, कुछ समयाभाव में , तो कुछ आलस में। पराने पोस्ट नए कलेवर में सोम-रस के सब-डोमेन में उपलब्ध होंगे। मेरा विज्ञान और साहित्य के प्रति नैसर्गिक झुकाव रहा है। संक्षेप में, मैं हूँ पेशे से पत्रकार, पसंद के अनुसार ब्लॉगर, जुनून के हिसाब से कलाकार, उत्कटता की वजह से लेखक, आवश्यकता के लिए काउंसलर | पर, दिल से परोपकारी और प्रकृति से उद्यमी हूं।

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